Wednesday, March 18, 2020

Zara Business Model Case Study

          Zara Business Model Case Study

ZARA ONLINE SHOPING

Zara Business Model Case Study


  • आज हम ऐसी कंपनी की बात करूँगा जो दुनिया के Largest Retail company नाम से जानी जाती है। एक ऐसी कंपनी जिसने दुनिया में फ़ास्ट फैशन की स्थापना करने का श्रेय जाता है। 
  • नाम है उस कंपनी का ZARA
  • ZARA की स्थापना 1975 में स्पेन में हुयी थी। 
  • जिसकी स्थापना Amencio Orega ने की। 
  • जिसके  1 स्टोर से २२५० स्टोर्स  और 600 से ज्यादा ज़ारा होम स्टोर्स है। 
  • जिसने दिनों में लोग आर्डर करते हैं उतने दिनों में यह कंपनी प्रोडक्ट्स बना कर बेच देती है। 
  • यह एक ऐसी कंपनी है जो डायरेक्टली और कसी वेबसाइट या पार्टनरशिप के बिना इतना बड़ा बिज़नेस बनाया। 

आज हम इस कंपनी के नीतियों के बारे में जानेंगे जिसके माध्यम से यह कंपनी इतनी बड़ी हो गयी।

1 . Custmer Co - Creation Rule of Zara 

  • Sales Men-Design Center-Manufecturing-Raw Material-                                                  Design Center- Manufecturing
  • सेल्स में का रोले यह था इस बिज़नेस में कि इस बुसिनेस के सेल्स मेन कस्टमर की मांग को समझते थे ,महसूस करते थे ,कस्टमर की बात को ध्यान से सुनते थे। उसके बाद वे उस प्रोडक्ट की मांग को डिज़ाइन सेण्टर को भेज देते थे। 
  • डिज़ाइन सेण्टर उसको मनुफेक्चरिंग सेण्टर को भेज देते थे। 
  • मनुफेक्चरिंग सेंटर रॉ मटेरियल सेण्टर को भेज देते थे। 
  • रॉ मटेरियल सेण्टर फिर उसे डिज़ाइन भेज देते थे। 
  • उसके बाद डिज़ाइन सेण्टर फिर मनुफेक्चरिंग सेण्टर को भी देते थे। 
  • उसके बाद मनुफेक्चरिंग सेण्टर डिज़ाइन त्यार करके दुनिया के सभी स्टोर्स में भेज देते थे। 

2 . Lower Quantity Of One Style Products OF  ZARA

  • ज़ारा की दूसरी नीति यह थी कि यह कंपनी एक स्टाइल की बहुत कम सामान त्यार करती थी। जिसके वाह से इस कंपनी को ये फायदे होते थे -
  • Feeling of lots of varity
  • Realization of Exclusivity
  • Short Production of Pieces Reduce the Chance of Failing.
  • No Same Style Products Prevents Overstock Issue.
  • Feeling Of Artificial Scarcity In Custmers Mind.

3.Short Self Life OF ZARA PRODUCTS

  • Dont's Repeat Same Products and Design.
  • मतलब यह कंपनी एक प्रोडक्ट्स को कभी रिपीट नहीं करती। इसकी वजह से इनको नुक्सान का कोई डर नहीं रहता। 

4.More Number Of Styles Of Zara 

  • Each year 12000 Styles Manufecturing.
  • ऐसा करके यह कंपनी कस्टमर्स को अलग सा महसूस करवाता है क्यूंकि इनके पास बहुत सरे स्टाइल्स हैं। 

5.Orders Each Week From Each Stores Rule Of Zara 

इस नीति से ज़ारा अपने प्रोडक्ट्स को फ्रेश बना कर रखता है। ऐसा करने से इन के प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से होती है। 

        Most Importent 2 Rules of Zara

1.Give the Custmer What they Want

मतलब इस नीति से यह कंपनी कस्टमर्स को वह देता है जो कस्टमर को चाहिए ,जबकि आज कल के बिज़नेस मन कस्टमर को वह देते है जो उनके पास होते हैं। जबकि ज़ारा ऐसा नहीं करता। 

  • इस नीति के प्रयोग करने की वजह से कस्टमर उसके पास बार बार आता है। 
  • Custmers ज़ारा पर विशवास करता है। 

2.Give It Faster Than Others

  • यह कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को फ़ास्ट पहुंचाती   है ,जिसकी वजह से लोग ज़ारा को इतना पसंद करते हैं। 
इसलिए अगर आप सभी को अपने बिज़नेस में सफलता प्राप्त करनी है तो ऊपर दिए गए ज़ारा की इन नीतियों को अपनाना होगा। तभी आप को अपने बिज़नेस में सफलता मिलेगी। 
आज के लिए इतना ही। उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को Zara की बिज़नेस स्टडी पसंद आएगी। 
                       तब तक के लिए  धन्यवाद। 

Monday, March 16, 2020

The Road Not taken In Hindi Explaination

द  रोड नॉट टेककन हिंदी में : रोबर्ट फ्रॉस्ट  The Road Not Taken-Robert Frost : In Hindi Book -Rich dad Poor dad: Robert Kiyosaki

hindi meaning

द  रोड नॉट टेककन हिंदी में : रोबर्ट फ्रॉस्ट  The Road Not Taken-Robert Frost : In Hindi Book -Rich dad Poor dad: Robert Kiyosaki

जैसे कि आप सभी पिछले भाग में रिच डैड पुअर डैड के बारे में पढ़ा रोबर्ट कियोसाकि के शब्दों में। आज आप सभी रोबर्ट कियोसाकि के पसंदीदा कवी रोबर्ट फ्रॉस्ट की कविता The Road Not Taken:Robert Frost के बारे में पढ़ेंगे। यह एक ऐसी कविता है जिसका अनुसरण रोबर्ट कियोसाकि खुद भी करते हैं और हमें भी करने के लिए कहते हैं ,तो चलिए बताता हूँ कविता के बारे में -

The Road Not Taken by Robert Frost

The Road Not taken
The Road Not taken 

(एक ऐसा रास्ता जिसे चुना नहीं गया )
पीले जंगल में दो राहें बटंती थी ,
और अफ़सोस कि मुझे एक को चुनना था। 
और मैं अकेला पथिक खड़ा रहा ,देर तक 
यह देखते  हुए कि यह राह कहाँ तक जाती है 
झुरमुटों में मुड़ने के पहले ;

फिर मैंने दूसरी राह चुनी ,उतनी ही सूंदर ,
और शायद बेहतर भी ,
क्यूंकि यहाँ घास ज्यादा थी और कम लोग गुजरे थे 
हालाँकि लोगों के गुजरने से यहाँ भी 
उतना ही नुकसान हुआ था। 
Robert Frost
The Road Not taken 

और दोनों ही उस सुबह बराबर ही 
पत्तियों पर काले  कदम नहीं थे। 
और मैंने ने पहली को अगले दिन के लिए रखा। 
पर यह जानते हुए कि किस तरह रस्ते निकलते हैं ,
मुझे शक था कि मैं कबि लौटूंगा। 
Robert Kiyosaki book in hindi
The Road Not taken 

मैं आह भर कर यह कहूंगा 
आअज से सदियों बाद शायद ;
एक जंगल में दो राहें बटंती थीं ,और मैंने -
मैंने कम चली हुयी राह को चुना ,
और इसी बात से सारा फर्क पड़ा। 
     The Road Not Taken               -रोबर्ट फ्रॉस्ट ( 1916 )
और इसी बात से सारा फर्क पड़ा। 
रोबर्ट कियोसाकि बताते हैं कि बहुत समय गुजर चूका है ,पर मैं अब भी अक्सर रोबर्ट फ्रॉस्ट की कविता पर चिंतन करता रहता हूँ। पैसे के बारे में अपने पढ़े - लिखे डैडी की  नजरिया को न सुनने का मेरा फैसला दुखद था परन्तु यह एक ऐसा फैसला था जिसने मेरी ज़िंदगी की दिशा तय कर दी। 

एक बार मैंने यह फैसला कर लिया कि मुझे किसकी बात सुननी है ,तो उसके बाद मेरी धन संबंधी शिक्षा शुरू हो गयी। मेरे अमीर डैडी ने मुझे 30 
साल से भी ज्यादा समय तक सिखाया ,तब तक जब तक कि मेरी उम्र 39 साल नहीं हो गयी। और इसके बाद उन्होंने सीखना बंद कर दिया। उन्होंने यह देख लिया था कि मैं वह सब समझ चूका हूँ जो वे मेरी मोती बूढी में भरने की कोशिश कर रहे थे। 

पैसा एक तरह की ताक़त है। परन्तु इससे भी बड़ी ताक़त है वित्तीय शिक्षा। पैसा तो आता  और जाता  रहता है ,परन्तु अगर आप यह जानते हैं ,कि पैसा किस तरह काम करता है ,तो आप ज्यादा ताक़तवर हो जाते हैं और आप दौलत कमाना शुरू कर सकते हैं। केवल सकारात्मक चिंतन  से ही समस्या हल नहीं हो सकती क्यूंकि ज्यादातर लोग स्कूल में पढ़ते हैं ,इसलिए वे पैसे के लिए काम करने में अपनी साडी ज़िंदगी बर्बाद कर देते हैं। 

मेरी शिक्षा जब शुरू हुयी थी तब मैं केवल 9 साल का था और इसी कारण मेरे डैडी ने मुझे जो पाठ पढ़ाये थे वे बहुत आसान थे। और सारी  बातों को छोड़कर विचार किया जाए तो उन्होंने मुझे 30 सालों तक कुल 6 मत्वपूर्ण पाठ पढ़ाये। यह पुस्तक उन्ही पाठों के बारे में है और इसे भी उतना ही आसान बनाने की कोशिश की गयी है जितना कि मेरे अमीर डैडी ने इन्हें मेरे लिए आसान बनाया था। यह पाठ आपके लिए जवाब की तरह नहीं लिखे गए हैं ,बल्कि मार्गदर्शन की तरह लिखे गए हैं। ऐसे मार्गदर्शन जो ज्यादा अमीर बनने में आपकी और आपके बच्चों की मदद करेंगे चाहे बदलती हुयी इस अनिश्चित दुनिया में कुछ भी होता रहे। 

आज ऐसे कि आप सभी The Road Not Taken की इस कविता को हिंदी में पढ़ा। साथ ही रोबर्ट कियोसाकि के कुछ मत्वपूर्ण बातें जानी। अब मैं इस भाग को यही पर खत्म करता हूँ। अगले भाग में आप सभी रिच डैड पुअर डैड की इस किताब के दूसरे अध्याय ;सबक एक : अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते,को पढ़ेंगे। तब तक लिए अलविदा। 
                                           धन्यवाद। 


Saturday, March 14, 2020

Rich Dad Poor Dad In Hindi

 रिच डैड पुअर डैड हिंदी में Rich Dad Poor Dad In Hindi: Robert T Kiyosaki : Hindi Noval 

poor dad

 Rich Dad Poor Dad रॉबर्ट कियोसाकी जी Robert Kiyosaki द्वारा लिखित एक सेल्फ हेल्प व व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन की पुस्तक है।जैसे कि आप सभी ने Rich Dad Poor Dad की प्रस्तावना में पढ़ा था कि  इस किताब की क्यों जरूरत है और इसके अलावा चूहा दौड़ के बारे में भी पढ़ा था । आज हम सभी इस किताब के प्रथम अध्याय के बारे में पढ़ेंगे -इसे भी पढ़े -रिच डैड पुअर डैड Rich Dad Poor dad

रिच डैड पुअर डैड रोबर्ट टी कियोसाकि के अनुसार (Rich Dad Poor Dad Robert T Kiyosaki ke Anusar)

Robert Kiyosaki कहते है कि मेरे दो डैडी थे Rich Dad  और दूसरे Poor Dad । एक बहुत पढ़े -लिखे थे और समझदार थे। वे पीएचडी थे और उन्होंने अपने चार साल के अंडरग्रेजुएट कार्य को दो साल से भी कम समय में कर लिया था। इसके बाद वे आगे पढ़ने के लिए स्टैनफोर्ड विश्वविधयालय ,विश्वविधियालय ऑफ़ शिकागो तथा नॉर्थवेस्टर्न गए और यह सब उन्होंने पूरी तरह से स्कालरशिप के सहारे ही किया। मेरे दूसरे डैडी आठवीं से आगे नहीं पढ़ थे। 
rich dad

दोनों अपने करियर में सफल थे। दोनों ने ज़िंदगी भर कड़ी मेहनत की थी। दोनों ने ही काफी पैसा कमाया था। परन्तु उनमे से एक पूरी ज़िंदगी पैसों के लिए परेशान होता रहा। दूसरा हवाई के सबसे आमिर व्यक्तियों में से एक बन गया। एक मरने पर उसके परिवार और जरूरतमंदों को करोड़ो डॉलर की दौलत मिली। दूसरा अपने क़र्ज़ छोड़कर मारा। 
मेरे दोनों डैडी इरादे के पक्के ,चमत्कारी और प्रभावशाली थे। दोनों ने मुझे सलाह दी,परन्तु उनकी सलाह एक सी नहीं थी। दोनों ने शिक्षा पर बहुत जोर देते थे,परन्तु उनके द्वारा सुझाये गए पढ़ाई के विषय अलग अलग थे। 

अगर मेरे पास केवल एक ही डैडी होते ,तो मै या तो उनकी सलाह मान लेता या फिर उसे ठुकरा देता। चूँकि सलाह देने वाले दो थे ,इसलिए मेरे पास दो विरोधाभासी विचार होते थे। (एक Rich Dad  का और दूसरा Poor Dad  का )

Rich Dad or Poor Dad Difference: Robert t Kiyosaki-

investing

किसी भी एक विचार को सीधे सीधे मान लेने या ना मानने के बजाय मै उनकी सलाहों पर काफी सोचा करता था ,उनकी तुलना करता था और फिर खुद के लिए फैसले लिया करता था। 

समस्या यह थी  Rich Dad अभी Rich नहीं थे और Poor Dad अभी Poor नहीं थे। दोनों ही अपने करियर शुरू कर रहे थे और दोनों ही दौलत तथा परिवार के लिए मेहनत कर रहे थे। पैसों के बारे में दोनों के विचार और नजरिया अलग थे। उदाहरण के लिए एक डैडी कहते थे ,"पैसे का मोह ही सभी बुराईयों का जड़ है "।जबकि दूसरे डैडी कहा करते थे ,"पैसे की कमी ही सभी बुराईयों की जड़ है "।

जब मै छोटा था ,तो मुझे दोनों Daddies की अलग अलग सलाहों से दिक्क्त होती थी। एक अच्छा बच्चा  होने के नाते मैं दोनों की बातें सुनना चाहता था। परेशानी यह थी कि दोनों एक सी बातें नहीं कहते थे। उनके विचारों में ज़मीन आसमान का फर्क था ,खासकर पैसे के मामले में। मै काफी लम्बे समय तक यह सोचा करता कि उनमें से किसने क्या कहा ,क्यों कहा और उसका परिणाम क्या होगा। 

मेरा बहुत सा समय सोच विचार में ही गुजर जाता था। मैं खुद से बार बार इस तरह के सवाल पूछा करता ,"उसने ऐसा क्यों कहा ?"और फिर दूसरे डैडी की कही बातों के बारे में भी इसी तरह के सवाल पूछता। काश मै यह बोल सकता ,हाँ वे  बिलकुल सही हैं। मै उनकी बातों से  पूरी तरह सहमत हूँ। या यह कहकर मै सीधे उनकी बात ठुकरा सकता ,"बुड्ढे को यह नहीं पता कि वह क्या कह रहा है। " चूँकि दोनों ही मुझे प्यारे थे। इसलिए मुझे खुद के लिए सोचने पर मजबूर होना पड़ा। इस तरह सोचना मेरी आदत बन गयी जो आगे चलकर मेरे लिए बहुत फायदेमंद साबित हुयी। अगर मै एक तरह से ही सोच पाता तो यह मेरे लिए इतना फायदेमंद नहीं होता। 
धन -दौलत का विषय स्कूल में नहीं ,बल्कि घर पर पढ़ाया जाता है। शायद इस लिए Rich लोग और ज्यादा Rich होते जाते हैं ,जबकि Poor और ज्यादा Poor होते जाते हैं और मध्य वर्ग क़र्ज़ में डूबा रहता है। हममें से ज्यादातर लोग पैसे के बारे अपने माता - पिता से सीखते हैं। कोई गरीब पिता अपने बच्चे को पैसे के बारे में क्या सीखा सकता है। वह सिर्फ इतना ही कह सकता है ,"स्कूल जाओ और मेहनत से पढ़ो। " हो सकता है कि वह बच्चा अच्छे नंबरों से कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ले। फिर भी पैसे के मामले में उसकी मानसिकता और उसके सोचने का ढंग एक गरीब आदमी जैसा ही बना रहेगा। यह सब उसने तब सीखा था जब वह छोटा बच्चा था। 
धन का विषय स्कूलों में नहीं पढ़ाया जाता। स्कूल में शैक्षणिक और व्यावसायिक निपुणता पर जोड़ दिया जाता है, न की धन संबंधी निपुणता पर। इससे यह साफ़ हो जाता  है कि जिन स्मार्ट बैंकर्स ,डॉक्टर्स और अकॉउन्टेंट्स के स्कूल में अच्छे नंबर आते हैं वे ज़िंदगी भर पैसे के लिए संघर्ष क्यों करते हैं। हमारे देश पर जो भरी क़र्ज़ लड़ा हुआ है वह काफी हद तक उन उच्च शिक्षित राजनेताओं और सरकारी अधिकारिओं के कारन है ो आर्थिक नीतियां बनाते हैं और मजे की बात यह है कि वे धन के बारे में बहुत कम जानते हैं। 

मै यानिकि Robert t Kiyosaki अक्सर नयी सदी में आने वाली समस्याओं के बारे में सोचता हूँ। तब क्या होगा जब हमारे पास ऐसे क्रोरो लोग होंगे जिन्हें आर्थिक और चिकित्सकीय मदद की जरूरत होंगी। धन सम्बन्धी मदद के लिए या तो वे अपने परिवारों पर या फिर सर्कार पर निर्भर होंगे। क्या होगा जब मेडिकेयर और सोशल सिक्योरिटी के पास का पैसा खत्म हो जायेगा ?किस तरह कोई देश तरक्की कर पायेगा अगर पैसे के बारे में पढ़ाई की ज़िम्मेदारी माता - पिता के ऊपर छोड़ दी जाएगी -जिनमे से ज्यादातर गरीब हैं या गरीब होंगे ?

चूँकि मेरे पास दो प्रभावशाली डैडी थे ,इसलिए मैंने दोनों से ही सीखा। मुझे दोनों की सलाह पर सोचना पड़ता था। इस तरह से सोचते सोचते मैंने यह भी जान लिया कि किसी के विचार उसकी ज़िंदगी पर कितना जबरदस्त 
प्रभाव डाल  सकते हैं। उदहारण के तौर  पर ,एक Dad को यह कहने की आदत थी ,"मै इसे नहीं खरीद सकता। "दूसरे डैडी इन शब्दों के इस्तेमाल से चिढ़ते  थे। वे जोर देकर कहा करते थे कि मुझे इसके बजाय यह कहना चाहिए ,"मै इसे कैसे खरीद सकता हूँ ?"पहला वाक्य नकारात्मक  है और दूसरा प्रशनवाचक। एक में बात ख़त्म हो जाती है और दूसरे में आप सोचने के लिए मजबूर हो जाते हैं। मेरे जल्द ही Rich बनने वाले Dad ने मुझे समझाया कि जब हम कहते हैं ,"मै इसे नहीं खरीद सकता "तो  हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता  है। इसके बजाय जब हम यह सवाल पूछते  हैं ,"मै इसे कैसे खरीद  सकता हूँ ?"तो हमारा दिमाग काम करने लगता है। उनका यह मतलब नहीं था कि आपका जिस चीज़ पर दिल आ जाए उसे खरीद ही लें। वे लगभग दीवानगी के हद तक अपने दिमाग की कसरत करवाना चाहते थे क्यूंकि उनके ख्याल से दिमाग दुनिया का सबसे ताकतवर कंप्यूटर है। "मेरा दिमाग रोज तेज होता जाता है क्यूंकि मै इसकी कसरत करता रहता हूँ। यह जितना तेज़ होता जाता है ,मै इसकी मदद से उतना ही ज्यादा पैसा कमा सकता हूँ। " उनका मानना था कि 'मै इसे नहीं खरीद सकता 'कहना दिमागी आलस की पहचान है। 

हालाँकि दोनों ही डैडी अपने काम में कड़ी मेहनत  करते थे ,परन्तु मैंने देखा कि पैसे के मामले में एक डैडी की आदत यह थी कि वे अपने दिमाग को सुला देते थे पर दूसरे डैडी अपने दिमाग को लगातार कसरत करवाते रहते थे। इसका दीर्घकालीन परिणाम यह हुआ कि एक डैडी आर्थिक रूप से बहुत अमीर होते चले गए जबकि दूसरे डैडी लगातार कमजोर होते चले गए। इसे इस तरह से समझे कि एक व्यक्ति हर रोज कसरत करने के लिए जिम जाता है ,जबकि दूसरा व्यक्ति अपने सोफे पर बैठकर टीवी देखता रहता है। शरीर की सही कसरत से आप ज्यादा तंदुरुस्त हो सकते हैं और दिमाग की सही कसरत से आप ज्यादा Rich हो सकते हैं। आलस्य से स्वास्थ्य और धन दोनों का नुक्सान होता है। 
रिच डैड पुअर डैड हिंदी में Rich Dad Poor Dad In Hindi: Robert T Kiyosaki : Hindi Noval

मेरे दोनों डैडी की विचारधारा में ज़मीन आसमान का अंतर था। एक डैडी की सोच थी कि अमीरों को ज्यादा टैक्स देना चाहिए ताकि बेचारे गरीबों को ज्यादा फयदा मिल सके। जबकि दूसरे डैडी कहते थे ," टैक्स उन लोगों को सजा देता है जो उत्पादन करते हैं और उन लोगों को इनाम देता है जो उत्पादन नहीं करते। "
एक डैडी सिखाते थे ,मेहनत से पढ़ो ताकि तुम्हे किसी अच्छी कंपनी में नौकरी मिल जाए। " जबकि दूसरे डैडी की सीख यह थी ," मेहनत से पढ़ो ताकि तुम्हे किसी अच्छी कंपनी को खरीदने का मौका मिल जाए। "

एक डैडी कहते थे ,"मै इसलिए अमीर नहीं हूँ क्यूंकि मुझे बाल - बच्चों को पालना पड़ता है। " दूसरे डैडी कहते थे ,"मुझे इस लिए अमीर बनना है क्यूंकि मुझे बाल - बच्चो को पालना है। "

एक डैडी डिनर के टेबल पर पैसे और बिज़नेस के बारे में बात करने के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते थे। दूसरे डैडी भोजन करते समय पैसे की बातें करने के लिए मना करते थे। 

एक का कहना था , " जहाँ पैसे का सवाल हो ,सुरक्षित कदम उठाओ ,खतरा मत उठाओ। "दूसरे का कहना था , " खतरों का सामना करना सीखो। "

एक का मानना था , " हमारा घर ही हमारा सबसे बड़ा निवेश और हमारी सबसे बड़ी सम्पति है। " दूसरे का मानना था , " मेरा घर मेरा दायित्व है ,और अगर आपका घर आपकी नज़र में आपका सबसे बड़ा निवेश है , तो आप गलत हैं। "

दोनों ही डैडी अपना बिल समय पर चूकते हैं ,परन्तु उनमें से एक सबसे पहले अपना बिल चुकता था ,जबकि दूसरा सबसे आखिर में। 

एक Daddy का मानना था कि कंपनी या सरकार  को आपका ध्यान रखना चाहिए और आपकी जरूरतों को पूरा करना चाहिए। वे हमेशा तनख्वाह में बढ़ोतरी ,रिटायरमेंट योजनाओं ,मेडिकल लाभ ,बीमारी की छुट्टी ,छुट्टिओं के दिन और बाकी सुविधाओं के बारे में चिंतित रहते थे। वे अपने दो चाचाओं से प्रभावित थे जो सेना में चले गए और बीस साल के कठिन जीवन के बाद उन्होंने अपने रिटायरमेंट और जीवन भर के आराम का इंतज़ार कर लिया था। वे मेडिकल लाभ के विचार को पसंद करते थे और सेना द्वारा अपने रिटाइरेड कर्मचारिओं को दी जा रही सुविधाओं की भी तारीफ करते थे। उन्हें विश्वविद्यालय का टेनॉर सिस्टम भी काफी पसंद था। कई बार नौकरी से आजीवन मिल रही सुरक्षा और नौकरी के लाभ नौकरी से ज्यादा मत्वपूर्ण हो जाते हैं। वे अक्सर ये कहते थे , " मैंने  सरकार  के लिए बहुत मेहनत से काम किया है और इसलिए बदले में मुझे ये लाभ मिलने चाहिए। "
दूसरे Dad पूरी तरह से आर्थिक स्वावलंबन में विश्वास करते थे। वे 'सुविधाभोगी 'मानसिकता के विरोधी थे। वे यह मानते थे कि इस तरह की मानसिकता लोगों को कमजोर और आर्थिक रूप से जरूरतमंद बनाती है। उनका विशवास था कि आदमी को ार्थी रूप से सक्षम होना चाहिए। 
एक डैडी कुछ डॉलर बचाने के लिए परेशान रहे। दूसरे डैडी एक के बाद एक निवेश करते रहे। 
एक Dad ने मुझे बताया कि अच्छी नौकरी तलाशने के लिए अच्छा सा बायोडाटा कैसे लिखा जाये। दूसरे ने मुझे यह सिखाया कि  कैसे एक मजबूत व्यावसायिक और वित्तय योजना लिखी जाये जिससे मै नौकरियां दे सकूँ। 
दो प्रभावशाली Daddy के साथ रहने के कारण मुझे यह विश्लेषण करने का मौका मिला कि उनके विचारों का उनके जीवन पर कितना प्रभाव हो रहा है। मैंने पाया कि दरअसल लोग अपने विचारों में ही अपने जीवन को दिशा  देते हैं। 
उदाहरण के तौर पर मेरे Poor Dad हमेशा कहा करते थे , " मैं कभी अमीर बन नहीं पाउँगा। " और उनकी यह भविष्वाणी सही साबित हुयी। दूसरी तरफ ,मेरे Rich Daddy  हमेशा खुद को अमीर समझते थे। वे इस तरह की बातें करते थे , " मै अमीर हूँ और अमीर लोग ऐसा नहीं करते। " एक बड़े आर्थिक झटके के बाद जब वे दिवालिएपन की कगार पर थे ,तब भी वे खुद को अमीर आदमी ही कहते रहे। वे अपने समर्थन में यह कहते थे , "गरीब होने और पैसा न होने में फर्क होता है। पैसा पास में न होना अस्थायी होता है ,जबकि गरीबी स्थाई होता है। "

मेरे Poor Dad यह भी कहते थे , " मेरी पैसे में कोई रूचि नहीं है। " या "पैसा मत्वपूर्ण नहीं है। "मेरे Rich Dad हमेशा कहते थे ,"पैसे में बहुत ताक़त है। "
हो सकता है हमारे विचारों की ताक़त  को   कभी  मापा न जा सके ,या फिर उन्हें पूरी तरह से समझा न जा सके। फिर भी बचपन में ही मै यह समझ गया था कि हमें अपने विचारों पर ध्यान देना चाहिए और अपनी अभिव्यक्ति पर भी। मैंने देखा कि मेरे Poor Dad इस लिए Poor नहीं थे ,क्यूंकि वे कम कमाते थे ,बल्कि इसलिए Poor थे क्यूंकि उनके विचार  और काम Poors जैसे थे। दो डैडी होने के कारण बचपन से ही मै इस बारे में सावधान हो चला था कि मै किस तरह की विचारधारा अपनाऊँ। मै किसकी बात मानूं - अपने Rich Dad की या अपने Poor Dad की ?

हालाँकि दोनों ही शिक्षा पर ज्ञान को मत्वपूर्ण मानते थे ,परन्तु क्या सीखा जाए इस बारे में दोनों की रे अलग अलग थी। एक चाहते थे कि मै पढ़ाई में कड़ी मेहनत करूँ ,डिग्री लूँ और पैसे कमाने के लिए अच्छी सी नौकरी ढूंढ लूँ। वे चाहते थे कि मै एक पेशेवर अधिकारी ,वकील या अकाउंटेंट बन जाऊ या ऍम बी ऐ कर लूँ। दूसरे डैडी मुझे प्रोत्साहित करते थे कि मैं अमीर बनने का रहस्य सिख लूँ। यह समझ लूँ कि पैसा काम कैसे करता है और यह जान लूँ कि इससे अपने लिए काम कैसे लिया जाता है। "मैं पैसे के लिए काम नहीं करता !"इन शब्दों को वे बार बार दोहराया करते थे ,"पैसे मेरे लिए काम करता है। "
9 वर्ष की उम्र में मैंने यह फैसला किया कि पैसे के बारे में मैं अपने अमीर Dad की बात सुनूंगा और उनसे सीखूंगा। यह फैसला करने का मतलब था अपने Poor डैडी की बातों पर ध्यान नहीं देना ,हालाँकि उनके पास कॉलेज की बहुत सी डिग्रीयां थी जो मेरे Rich डैडी के पास नहीं थी। 

तो आज मैं Rich Dad Poor Dad के इस भाग को यही पर खत्म करता हूँ। अगले भाग में आप सभी Robert t Kiyosaki के शब्दों में Robert Frost की कविता ," The Road Not taken " को पढ़ेंगे और इसके अर्थ पढ़ेंगे। तब तक लिए अलविदा। उम्मीद करता हूँ की आप सभी को यह भाग पसंद आएगा। अगर पसंद आये तो शेयर जरूर करें। 
                                           Rich dad poor dad in hindi Download
                                  धन्यवाद। 





Tuesday, March 10, 2020

लम्बी अवधी के लिए 20 सबसे दमदार और सस्ते शेयर्स Best Shares to Buy For Long Term

20 shares for Long Term @Cheap price

लम्बी अवधी के  लिए 20 सबसे दमदार और सस्ते शेयर्स की लिस्ट ( 20 Best Shares list For Long Term @ Cheap Price 

पिछले एक महीने से करोना वायरस(Crona Virus) की वजह से पूरी दुनिया के stock market में हड़कंप मचा हुआ है। दुनिया के सभी शेयर मार्केट(Share Market) में इस वजह से भारी गिरावट दिखाई दी है।कल बीते दिन भी क्रोना वायरस(Crona Virus) और क्रूड आयल(Cruid Oil) की वजह से भारी गिरावट दिखाई दी। कल निफ़्टी(Nifty) ने -538 पॉइंट्स की गिरावट दर्ज़ की ,वही बैंक निफ़्टी(Bank Nifty) में -1338 पॉइंट्स की गिरवाट और सेंसेक्स(Sensex) ने -1941 पॉइंट्स की गिरावट दर्ज़ की।  इस गिरावट में कई ऐसे शेयर्स(Shares) हैं आज मै आप सभी को उन्ही  Best Shares के बारे में बताने  जा रहा हूँ जो इस वक़्त काफी सस्ते रेट पर उपलब्ध है,जिन्होंने ने पिछले 10 साल में लोगों के पैसों को 10 गुना कर दिया,जिनका nifty 50 share में भारी वेइटेड(Weighted) है जिनका मार्किट वैल्यूएशन(Market Valuation) अच्छा है  ,तो आईये बताता हूँ -

1.HDFC  
Rate- 1112
2.HDFC LIFE
Rate- 517
3.SBI
Rate- 256
4.ICICI BANK
Rate- 457
5.BANDHAN BANK
Rate- 376
6.LUPIN
Rate- 651
7.TITAN
Rate- 1208
8.RELIANCE
Rate- 1104
9.TINPLATE
Rate- 107
10.MARICO
Rate- 266
11.BERGER PAINTS
Rate- 522
12.SYMPHONY
Rate- 1230
13.IRCTC
Rate- 1291
14.HUL
Rate- 2135
15.CROMPTON
Rate- 261
16.BIOCON
Rate- 299
17.ABANS ENTERPRISES
Rate- 270
18.AARTI INDUSTRIES
Rate- 621
19.AARTI DRUGS
Rate- 936
20.INDIA MART 
Rate- 2401
उप्पर दिए गए सभी शेयर्स(Shares) का रेट इस वक़्त काफी हद तक गिर चूका है। इसके अलावा अभी और गिरने की संभावना है। इसलिए अभी आप सभी इस शेयर्स को वेट एंड वाच(Wait & Watch )लिस्ट में रख सकते हैं। इसके अलावा आप इन शेयर्स(Shares) में शार्ट सेल्लिंग(Short Selling) करके भी अच्छा पैसा बना सकते हैं।लेकिन इस गिरती हुयी गिरावट में किसी भी शेयर्स(Shares) में शार्ट सेल्लिंग(Short Selling) करने के लिए स्टॉप लोस्स(Stop Loss) जरूर लगाए।
उप्पर दिए गए ये सभी शेयर्स लम्बी अवधी के निवेश (Good Shares For Long Term Investment ) के लिए अच्छे है। 
आज के लिए अपनी बात को यही पर खत्म करता हूँ ,उम्मीद है कि आप सभी को ये सभी शेयर्स(Shares) पसंद आएंगे। इसलिए अगर आप लोग चाहते हैं कि आप सभी को अच्छी अच्छी जानकारियां मिलती रहे तो मेरे आर्टिकल को शेयर ,लिखे और सब्सक्राइब करना न भूलियेगा। मेरी हाथ जोड़ के निवेदन है।
धन्यवाद।  

  


Saturday, March 7, 2020

Draft ‘Yes Bank Ltd. Reconstruction Scheme, 2020’

YES BANK ,SBI ,RBI

Yes Bank Ltd. Reconstruction Scheme, 2020

नमस्कार दोस्तों ! जैसे  कल आप सभी ने देखा कि यस बैंक में 58% की गिरावट दिखाई दी। 
  • इस योजना के तहत RBI ने बताया कि STATE BANK OF INDIA को 49% हिस्सेदारी खरीदनी होगी। इसके अलावा SBI 3 साल से   पहले अपनी हिस्सेदारी बेच नहीं सकता।  
  • RBI ने यस बैंक(YES BANK) का मार्किट कैप्टलाइसेशन(MARKET CAP) 5000 करोड़ रुपए होने की संभावना जताई है। 
  • इसके अलावा यस बैंक का फेस वैल्यू FACE VALUE = 2RS होने की संभावना जताई जा रही है। 
The Investor bank shall agree to invest in the equity of the Reconstructed bank to the extent that post infusion it holds 49% shareholding in the Reconstructed bank at a price not less than Rs.10/- (Rupees ten only) [Face value of Rs.2/- (Rupees two only) and premium of Rs.8/- (Rupees eight only)]. The Investor bank shall not reduce its holding below 26% before completion of three years from the date of infusion of the capital.

Constitution of the Board of Directors

  • बैंक की पुनर्गठन योजना में पुनर्गठित बैंक का शेयर कैपिटल कितना होगा, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की नियुक्ति कैसे होगी, बैंक के अधिकार और उसकी देनदारियां क्या होंगी, मौजूदा कर्मचारियों की नौकरी रहेगी या नहीं, बैंक के शाखा कार्यालयों की जगह बदलनी है या नहीं और इस तरह की सभी बातों का जिक्र किया गया है। हालांकि सारे सुझाव तय समय सीमा के भीतर ही देने होंगे।
  • RBI गर्वनर और वित्त मंत्री ने दिया आश्वासन। 
  • आपको बता दें कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने भरोसा दिया है कि जल्द ही यस बैंक (Yes Bank) को संकट से निकाल लिया जाएगा। शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा, 'यस बैंक (Yes Bank) का समाधान बहुत तेजी से कर लिया जाएगा। हमने इस पर रोक के लिए 30 दिन की समय सीमा तय की है। रिजर्व बैंक की ओर से इस दिशा में आप बहुत जल्द कार्रवाई होते देखेंगे।
  • वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यस बैंक (Yes Bank) के खाताधारकों को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है और रिजर्व बैंक यस बैंक से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान करने के लिए काम कर रहा है। सीतारमण ने कहा, ‘मैं रिजर्व बैंक के साथ लगातार संपर्क में हूं। केंद्रीय बैंक की इस मामले पर पूरी पकड़ है और उसने इसके जल्द समाधान के लिए आश्वस्त किया है। मैं भरोसा दिलाना चाहती हूं कि यस बैंक के हर जमाकर्ता का धन सुरक्षित है।’
  • ऐसे हालात में घबराएं ना। 
यस बैंक के इस हालत के चलते रेटिंग कंपनियां रेटिंग  घटा रही है 

मूडीज(MOODIES) ने घटाई रेटिंग


अब इतनी बड़ी  RBI ,GOVT.OF INDIA & SBI द्वारा यस बैंक(YES BANK) को इस संकट से  लिए भरपूर कोशिश की जा रही है। इसी  ध्यान में रखते हुए  यस बैंक को संकट से निकालने के लिए RBI लाई ‘पुनर्गठन योजना’ तैयार किया गया   है।


रिजर्व बैंक(RBI) की पाबंदी के बाद रेटिंग एजेंसियों ने भी यस बैंक(YES BANK) को झटका दिया. मूडीज ने बयान जारी कर आरबीआई की पाबंदी को नकारात्मक बताते हुए बैंक की रेटिंग कम कर दी. वहीं, आईसीआरए ने भी यस बैंक के टियर- II और टियर- I बॉन्ड को लेकर रेटिंग पर कैंची चला दी. गौरतलब है कि आरबीआई ने बैंक के नकदी संकट को देखते हुए 3 अप्रैल तक सिर्फ 50 हजार रुपये निकालने की छूट दी है. हालांकि यह भी साफ किया गया है कि इमरजेंसी में ग्राहक 5 लाख रुपये तक की निकासी कर सकते हैं। 

  • SBI ने 10000 करोड़ रुपए निवेश करने की इच्छा जताई। 
ऐसे में सब्र रखें और घबराएं ना। 


Friday, March 6, 2020

Top Ten importent Rules of Robert Kiyosaki for Success

ROBERT KIYOSAKI

Top Ten importent Rules of Robert Kiyosaki for Success

नमस्कार दोस्तों ! जैसे कि मैंने रिच डैड पुअर डैड भाग-2(Rich Dad Poor Dad Bhaag -2) में आप सभी को कुछ मत्वपूर्ण बातें बताई थी ,वैसे ही आज भी आप सभी के लिए लेकर आया हूँ कुछ मत्वपूर्ण बातें ,जिन्हे रोबर्ट कियोसाकि(Robert kiyosaki) के 10 महत्वपूर्ण बातें(Rules) मानी जाती हैं,तो चलिए बताता हूँ - 

रोबर्ट क्योसीकी की 10 मत्वपूर्ण बातें(Top Ten importent Rules of Robert Kiyosaki For Success) 

                                 1.खतरनाक सलाह

रोबर्ट कियोसाकि(Robert Kiyosaki) कहते हैं कि दुनिया में सभी अपने नम्बरों के पीछे भाग रहे हैं ,आज  कल के मान बाप और टीचर्स सभी बच्चों को यह सलाह देते हैं कि मेहनत करो और अधिक नंबर लाओ ,इससे तुम्हे एक अच्छी नौकरी मिलेगी। रोबर्ट कयोसाई(Robert Kiyosaki)  इसको एक खतरनाक सलाह मानते हैं क्यूंकि अगर ऐसा होता तो दुनिया में इतनी गरीबी नहीं होती। ऐसी सलाह को इसलिए नहीं मानना चाहिए। 
2. धन के महत्व को समझना

2. धन के महत्व को समझना 

रोबर्ट क्योंसकि(Robert t Kiyosaki) का दूसरा सिद्धांत(Rule) यह है कि बढ़ती हुयी महंगाई(Inflation)  बेरोज़गारी(Unemplyoment) के चलते हमारे लिए यह जरूरी है कि हम धन के जो महत्व है उसको समझे। इसको समझना हमारे लिए बेहद जरूरी है क्यूंकि महंगाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही। लेकिन इसकी तुलना में हमारी कमाई नहीं बढ़ रही। इस लिए धन के महत्व को समझना जरूरी है। इससे हमे मनी मैनेजमेंट(Money Management)  की सही समझ  आएगी। 
3.स्मार्ट बनना(Become Smart)

3.स्मार्ट बनना(Become Smart)

तीसरे सिद्धांत(Rule) में रोबर्ट कियोसाकि(Robert Kiyosaki)  बताते हैं कि हम सब तकनीकी युग में रहते हैं और हमारा आने वाला भविष्य भी ऐसा ही हो सकता है। वैसे यह हम में से किसी को नहीं पता कि हमारा आने वाला कल कैसा होगा। इसलिए वे बताते हैं कि हमें पुराणी परम्परावादी वाली सोच से हट कर स्मार्ट बनना चाहिए ,क्यूंकि अगर हम स्मार्ट बनेगे तभी हमे समझ आएगी कि स्मार्ट लोगों की स्मार्ट सर्विसेज(Smart Services) कैसे लेनी है। 
life

4. अधिक से अधिक किताबें पढ़ना(Read More & More Books) 

इसके बाद चौथे सिद्धांत(Rule) के बारे में रोबर्ट कियोसाकि(Robert Kiyosaki)  बतातें हैं कि पड़ने की वैसे तो कोई उम्र नहीं होती। इसलिए वे कहते हैं कि हमें हमेशा आगे बढ़ते रहने के लिए अधिक से अधिक ऐसी किताबें(Books) पड़नी चाहिए जो आगे चलकर हमारा मार्गदर्शन करे। क्यूंकि किताबे ही हमें ज़िंदगी की सही परिभाषा सिखाती है। 
Himself

5. खुद से प्रश्न पूछना (Ask Question to Himself)

इसके बाद पांचवे सिद्धांत(Rule) के बारे में  रोबर्ट क्योसीकी(Robert Kiyosaki) बताते हैं की हम में से ज्यादातर इंसान किसी भी काम को शुरू करने से पहले ही  नकारात्मक सोच ले आते हैं और कहते हैं कि यह काम मुझ से नहीं हो सकता। रोबर्ट क्योंसकि(Robert Kiyosaki) कहते हैं की ऐसा करने के बजाये अगर हम अपने आप से प्रश्न पूछे  तो इसका ज्यादा अच्छा रिजल्ट मिलेगा। जब हम किसी काम में नकारात्मक सोच(Negative Thinking)  ले कर आते हैं तब हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता है ,जबकि जब हम अपने आप से सवाल करते हैं तब हमारा दिमाग उस सवाल का जवाब ढूंढने लगता है। इसलिए हमें अपने आप से सवाल पूछते रहना चाहिए यह बहुत ही जरूरी है। इसलिए हमें  चाहिए बल्कि इसका स्वागत करना चाहिए। 
6. फेलियर से खबराना नहीं चाहिए(Failures)

6. फेलियर से खबराना नहीं चाहिए(Failures)

अब बारी आती है छठवे सिद्धांत(Rule) फैलियर्स की। ज्यादार हम सभी जब किसी ने किसी काम में फ़ैल हो जाते हैं चाहे सरकारी नौकरी पाने में  या किसी बिसनेस में या फिर अपनी ज़िंदगी में। तब हम लोग घबरा जाते हैं। उसके बाद घबराने के बाद हमारी ज़िंदगी बोरिंग सी हो जाती है।रोबर्ट क्योसीकी(Robert Kiyosaki) कहते है कि इस से हमें घबराना नहीं चाहिए क्यूंकि हर एक फैलियर हमारे लिए एक नया मौका लेकर आता  है। इस से हमें सीखनी चाहिए कि हमने कोनसी गलती की जिसकी वजह से हम फ़ैल हो गए। इसलिए हमें  चाहिए बल्कि इसका स्वागत करना चाहिए।  
7. सफल लोगों की असफलता को जानना (Success or Unsucessful peoples)

7. सफल लोगों की असफलता को जानना (Success or Unsucessful peoples)

अब बारी आती है सातवें सिद्धांत(Rule) सफलता और असफलता की। हम सभी बहुत सारे  सपने देखते हैं। किसी के सपने पुरे होते है तो किसी के नहीं। कोई सफल होता है कोई असफल। लेकिन जब हम असफल होते हैं तब हम में से ज्यादाता लोग उस असफलता से घबरा जाते हैं और पीछे हट  जाते है ,जबकि जब हम सफल होते हैं तब हम बहुत ख़ुशी और आनंद महसूस करते हैं। लेकिन मै बता दू कि यह ऐसी सफलता होती है जिसकी कोई वैल्यू नहीं होती। असली वैल्यू तो उस सफलता की होती है जिसे हमने कई असफलता के बाद मिलती है। इसलिए असफलताओं से घबराएं नहीं बल्कि उसका स्वागत करना चाहिए। अगर आप लगातार रिजेक्शन(Rejection)  का सामना कर रहे है ,लगातार आपको असफलता का सामना करना पढ़ रहा है ,तो मुबारक हो(Congretulation)। आप उस रास्ते  पर है जिस पर दुनिया के सिर्फ 5 % लोग होते हैं और ये 5% वाले लोग आज बहुत बड़े आदमी है जैसे की -जैक माँ(Jack Maa) ,सूंदर पिचाई(Sunder Pichai) आदि। 
attitude

8. घनात्मक सोच रखना(Positive Attitude or Thinking 

अब बारी आती है आठवें सिद्धांत(Rule) घनात्मक सोच की। रोबर्ट क्योंसकि(Robert kiyosaki) कहते हैं कि हमें हर स्थिति में घनात्मक(Positive) रहना चाहिए क्यूंकि घनात्मक रहने से हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इसके अलावा घनात्मक रहने से हमारा मन काम में लगा रहता है और दिमाग तेज़ी से काम करता है। इसलिए हमें हमेशा घनात्मक रहना चाहिए। 
9. जल्दी उठना और सोना

9. जल्दी उठना और सोना 

उसके बाद इस सिद्धांत(Rule) में  रोबर्ट क्योंसकि(Robert Kiyosaki) सुबह जल्दी उठने(Wakeup Early Morning) के बारे में बताते हैं कि सुबह जल्दी उठने से एक तो हम शरीर से ,दिमाग(Mind) से और अपने तन -मन से स्वच्छ महसूस करते है। दूसरी बात हमारा दिमाग भी तेज़ होता है। इसके अलावा जब हम शरीर और दिमाग से तंदरुस्त होते हैं तब हम अपने वेल्थ को भी सही से मैनेज कर सकते हैं। इसलिए हमें सुबह जल्दी उठना चाहिए और रात को जल्दी सोना चाहिए। 
10. अकाउंट और निवेश को जानना

10. अकाउंट और निवेश को जानना 

अंतिम सिद्धांत(Last Rule) है अकाउंट और निवेश(Account & Investment) के बारे में। वे बताते हैं कि हम सभी के लिए यह बहुत जरूरी है। Robert Kiyosaki कहते है कि चाहे हम कुछ भी हो एक टीचर ,एक अकॉउंटेंट, एक उधमी या फिर एक बिज़नेस मेन। यह जरूरी है कि अकाउंट और निवेश क्या है और इससे कैसे हम वेल्थ क्रिएट कर सकते है। इस से हम यह सिख सकते है कि हमें अपने पैसों को किस तरह मैनेज करना है और इसके अलावा हम इसकी मदद से महंगाई से भी लड़ सकते हैं। इसलिए इसको जानना व सीखना जरूरी है। 


अन्तः आज 

Top Ten importent Rules of Robert Kiyosaki for Success

को यही पर खत्म करता हूँ। 
। उम्मीद है की आप सभी को ये बातें अच्छी लगेगी और इन बताओं को आप अपनी ज़िंदगी में लागू करके अपनी ज़िंदगी को बेहतर बना सकते है। मै आप सभी के ज़िंदगी में अच्छी हेल्थ और वेल्थ(Health & Wealth) की कामना करता हूँ। अगर यह बातें पसंद  शेयर करना न भूलें। 
                                                                   धन्यवाद। 

Wednesday, February 19, 2020

रिच डैड पुअर डैड भाग -2 चूहा दौड़ क्या है ? Rich Dad poor Dad Bhag -2 Chuha Daud kya hai?

 चूहा दौड़ क्या है ?

                        रिच डैड पुअर डैड भाग -2 

जैसे कि आप सभी रिच डैड पुअर डैड भाग - 1 में पढ़े थे कि मात्र स्कूल जाने और अच्छे नंबर लेन वाली मानसिकता से हमारी ज़िंदगी किस तरह बर्बाद हो रही है और सफलता प्राप्त करने  हमें  मानसिकता से किस तरह बहार निकलना चाहिए। आज हम रिच डैड पुअर डैड के भाग - २(Rich Dad Poor Dad)  में चूहा दौड़ के बारे में पढ़ेंगे तथा  जानेंगे हम अपनी पुराणी मानसिकता से कैसे बाहर आ सकते हैं और कैसे सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इस में हमें धन(Money) के महत्व को समझेंगे कि किस तरह यह काम करता है ,तो चाहिए जानते हैं -
poor dad

                    चूहा दौड़ क्या है ?Rate Race kya hai ?

रिच डैड पुअर डैड(Rich Dad Poor Dad)में चूहा दौड़ (RAT RACE MEANING)को एक खेल बताया गया है। यह एक ऐसा खेल है जो एक मोनोपॉली(MONOPOLY DEAL) की तरह है अथार्थ एक ऐसा खेल जिसमें दो रस्ते हैं एक अंदर  बहार का।  इस खेल  लक्ष्य होता है अंदर वाले रास्ते से बाहर निकलना और बाहरी रास्ते पर पहुंचना या तेज़ रास्ते पर जाना। इस Rich Dad Poor Dad के मुताबिक तेज़ रास्ता हमें ये बताता है कि असल ज़िंदगी में अमीर(Rich) लोग किस तरह पैसों का खेल खेलते हैं।
"अगर आप किसी भी औसत रूप से शिक्षित ,कड़ी मेहनत करने वाले आदमी की ज़िंदगी को देखें ,तो उसमे आपको एक सा ही सफर दिखेगा। बच्चा पैदा होता है ,स्कूल जाता है ,माता पिता खुश हो जाते हैं ,क्यूंकि स्कूल में बच्चों को स्कूल में अच्छे नंबर मिलते हैं और उसका दाखिला कॉलेज में हो जाता है बच्चा स्नातक हो जाता है और फिर योजना के अनुसार काम करता है। वह किसी आसान ,सुरक्षित नौकरी की तलाश करता है। बच्चे को ऐसा ही  जाता है। शायद वह  डॉक्टर या वकील बन जाता है या सेना में भर्ती हो जाता है या फिर वह सरकारी नौकरी करने लगता है। बच्चा पैसा कमाने लगता है ,उसके पास थोक में क्रेडिट कार्ड आने लगते हैं और अगर अब तक उसने खरीदारी करना शुरू नहीं किया तो वह जमकर खरीदारी करने लगता है।
rich dad
"खर्च करने के लिए पैसे पास में होते हैं तो वह उन जगहों पर जाता है जहाँ उसकी उम्र के ज्यादातर नौजवान जाते हैं -लोगों से मिलते हैं, डेटिंग करते हैं और कभी कभार शादी क्र लेते हैं। अब ज़िंदगी में मजा आ जाता है ,क्यूंकि आज कल पुरुष और महिलायें दोनों काम करते हैं। दो तनख्वाहें बहुत सुखद लगती है।
accounts
 पति पत्नी दोनों को लगता है कि उनकी ज़िंदगी सफल हो गयी। उन्हें अपना भविष्य सुनहरा।  अब वे कार, स्कूटर,टेलीविज़न ,खरीदते हैं ,छुटियाँ मानाने कहीं जाने लगते हैं। फिर उनके बच्चे हो जातें  हैं ,बच्चों के साथ उनके खर्च बढ़ जाते हैं ,फिर वे और मेहनत   करने लगते हैं ताकि उनके तनख्वाह बढ़ जाये। लेकिन तनख्वाह बढ़ने पर फिर उनको एक और बच्चा हो जाता है। तब उनको अब एक बड़े घर की जरूरत महसूस होती है। वे अब घर भी ले लेते हैं। इसके साथ ही अब वे अपने बच्चों और अपने भविष्य के लिए प्लानिंग करते हैं।
balancesheet
कुछ म्यूच्यूअल फण्ड(Mutual Fund) खरीद लेते हैं ,उधर दूसरी तरफ उनको अपनी इनकम पर टैक्स भी देना पड़ता है ,फिर क्रेडिट कार्ड की किस्ते भी देनी पड़ती है। इसके साथ साथ उनकी टेंशन बढ़ने लगती है वे अपने रिटायरमेंट के लिए पैसा बचने के लिए चिंता सताने लगती है इसके लिए वे कई बार अपनी नौकरी बदलते हैं ,मतलब जाते जाते बाद में उनके पास कुछ नहीं बचता है।
"३५ साल पहले पैदा हुए यह खुशहाल दम्पति अब अपने नौकरी(Naukari) के बाकि दिन चूहा दौड़ में फसकर बिताते हैं। वे अपने कंपनी के मालिकों के लिए काम करते हैं ,सरकार  को टैक्स(Tax) चुकाने के लिए काम करते हैं ,और बैंक(Bank) में अपनी गिरवी रखी  सम्पति(Asset) और क्रेडिट कार्ड(Credit Card) के क़र्ज़ चुकाने के लिए काम करते हैं। हम  में से ज्यादातर लोगों की ज़िंदगी भी इसी तरह है।
jobs
चाहे आज कोई 20 साल का हो या 50 साल का। आज हम सभी इस खेल में फंसें हुए हैं। हम अपने मालिकों के लिए काम करते हैं ,सरकार को टैक्स चूकते हैं और बैंक में अपनी गिरवी संम्पति तथा क्रेडिट कार्ड(Credit Card) के कर्ज को चुकाने के लिए काम करते हैं। जब हमारे साथ इतना कुछ हो रहा है तब हम लोग फिर भी अपने बच्चों को यही सलाह कैसे दे सकते हैं। हमारे तरह हमारे बच्चे भी फिर स्ट्रगल करते रहेंगे और सारी ज़िंदगी मेहनत  करते रहेंगे। यह प्रक्रिया चलती है और चलती  रहेगी।रिच डैड पुअर डैड(Rich Dad Poor Dad) के अनुसार  इसी को चूहा दौड़ कहते हैं।
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               इस दौड़ से कैसे बाहर निकलें ?

रिच डैड पुअर डैड(Rich Dad Poor Dad) के हिसाब से इस दौड़ से बाहर निकलना बहुत जरूरी है और इस दौड़ से बाहर निकलने के लिए आपको धन का महत्व समझना बहुत जरूरी है ,इसके साथ ही अकाउंट और  निवेश (Account and Investment)के बारे में जानना होगा। इसको सिखने की जरूरत है।
mutual funds
क्यूंकि अगर हम यह सीख जाते हैं तो हमें इनकम स्टेटमेंट और इन्वेस्टमेंट को सिखने में कोई परेशानी नहीं होगी। चाहे आप कोई बैंकर हो ,कंप्यूटर प्रोग्रामर हो ,या कुछ भी।  इन बातों को जानना और सीखना जरूरी है। 
एकाउंट्स ,बैलेंस शीट एंड इन्वेस्टमेंट (Accounts ,Balancesheet and Investment)में आपसी संम्बंध होता है। इसी की माध्यम से आप अपना बाजार को फैला पाएंगे तथा आपको पैसे की सही समझ आएगी।
Rich Dad Poor Dad के हिसाब से जब हम संम्पति खरीदते और बेचते हैं ,तब हमें ध्यान ही नहीं रहता  कि हर सौदे से उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा  है। असल ज़िंदगी में हम जैसे ऐसे करोड़ो लोग है जो सिर्फ इसलिए परेशान है क्यूंकि उन्हें इन दो विषयों के बारे में नहीं पता। हम अपने आस -पास देखते हैं कि कोई भी अपनी ज़िंदगी में खुश नहीं। चाहे कोई 10000Rs कमाता हो या फिर 100000Rs, इसका कारण यही विषय है। 
accounts investment stocks
हम गौर कर सकते हैं कि ऐसे बहुत सारे लोग अकॉउंटेंट ,बैंकर्स ,एडवोकेट ,स्टॉक ब्रोकर्स  एंड रियल स्टेट ब्रोकर्स का भी यही हाल है। ये लोग बहुत कुछ जानते हैं और स्मार्ट होते हैं परन्तु फिर भी आमिर नहीं होते। क्यूंकि हमारे स्कूल हमें वह सब नहीं सिखाते जो आमीर लोग जानते हैं। इसलिए यह जानना और सीखना बहुत जरूरी है कि ये असल ज़िंदगी में किस तरह काम में लाया जाये। अगर हम इन दोनों विषयों को सीख जाते हैं तो इससे हमें पैसों की सही समझ मिलेगी। इसलिए इन्हें सीखना जरूरी है। 
अंत आज के लिए यही पर रिच डैड पुअर डैड(Rich Dad Poor Dad)को ख़त्म करता हूँ। उम्मीद है कि आप सभी को यह बातें पसंद आएगी। 

Saturday, February 8, 2020

रिच डैड पुअर डैड भाग -1 Rich Dad Poor Dad Bhaag-1

RICH DAD POOR DAD

रिच डैड पुअर डैड - भाग -1 

                                                        

वैसे तो आप सभी ने रिच डैड पुअर डैड किताब पढ़ी होगी या फिर इस किताब से जुडी कई वीडियो भी देखें होंगे। लेकिन फिर भी आज मै सब के लिए लेकर आया हूँ कुछ मत्वपूर्ण जानकारियां। इस किताब के मुताबिक हमारे असल ज़िंदगी में हम सभी का एक लक्ष्य होता है ,हम सभी उन  पाने के लिए हर तरह से प्रयास करते हैं ,लेकिन फिर हम असफल हो जाते हैं। इस के पीछे क्या कारन है ?आईये जानते हैं रिच डैड पुअर डैड के अनुसार-
चाहे आज का समय हो या कल का हर समय में हमारे अध्यापक ,माता पिता सभी  हैं कि अगर तुम म्हणत करोगे और अच्छे नंबर लाओगे तो तुम्हे अच्छी नौकरी मिलेगी ,इसी को हम सब सफलता मान  लेते हैं ,जबकि वास्तव में सच तो यह है कि जैसा हम  वैसा होता ही नहीं। 
रिच डैड पुअर डैड के अनुसार इसके पीछे कारण यह है कि बचपन से हम ऐसी सोसाइटी में रहते आएं हैं वहां  से हमारे स्कूल और कॉलेज तक सभी ने हमारी मानसिकता ऐसी बना दी होती है जिसके कारन हम सिर्फ सरकारी नौकरी के अलावा और कुछ चाहते ही नहीं हैं ,जिसकी वजह से हम पीछे रह जाते हैं। रिच डैड पुअर डैड के अनुसार मान लो अगर अच्छी नौकरी मिल भी जाये तो इस बात की कोई गारंटी नहीं कि हमारा  भविष्य कैसा होगा। हमारे स्कूल और कॉलेज ने हमें सिर्फ नम्बरों के लिए और नौकरी के लिए तैयार किये जाते  हैं। यही एक वजह है जिसके काऱण  हम असफल होते हैं।जबकि रिच डैड पुअर डैड के अनुसार  हम देखेंगे कि सफल लोग अपनी नौकरी के कारण अमीर और सफल नहीं बने। उदहारण के लिए 
माइकल जार्डन 
मेडोना 
बीच में हार्वर्ड छोड़ देने वाले और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक 
बिल गेट्स
आज वे दुनिया के 2ND सबसे अमीर आदमी हैं। 
उदाहरण के लिए अलीबाबा डॉट  कॉम के संस्थापक 
RICH DAD POOR DAD
 जैक माँ 
ये सभी वे लोग हैं जो बिना किसी स्कूल और कॉलेज डिग्री के इतने बड़े सफल व्यक्ति बने। जबकि हम असफल इस लिए क्यूंकि हम ऐसे लोगों की सलाह मिली होती है जिन्हे बरसों से वही सलाह मिली होती हैं।आज  हमारे  चारो तरफ की दुनिया तेज़ी से बदल रही है ,ऐसे में रिच डैड पुअर डैड हमें यह सिखाती कि   हमे अपनी सोच को बदलने की जरूरत है। आज के टाइम में हम सभी अपनी नौकरी की सुरक्षा के लिए काम करते हैं ,आज के टाइम में एक B.A पास को कम और आठवीं फ़ैल को अधिक तनख्वाह मिलती हैं। इसका मतलब है की हम गलत दिशा में हैं और हमें अपनी सोच को बदलने की जरूरत है,क्यूँकि रिच डैड पुअर डैड के अनुसार ऐसा करके अगर आप कोई छोटी सफलता भी प्राप्त होती हैं तो वह सफलता से कम नहीं। मगर इसके लिए नंबरों के पीछे भागना छोड़ना पड़ेगा। 
आज  रिच डैड पुअर डैड के भाग - 1  को यही पर  ख़त्म करता हूँ। उम्मीद है कि आप सभी को यह जानकारियां पसंद आएगी। 
धन्यवाद।  

Monday, January 20, 2020

निवेश के नए तरीके म्यूचुअल फंड, एसआईपी, स्टॉक निवेश आदि पुराने विकल्पों से किस तरह बेहतर है?New ways of investment How are mutual funds, SIPs, stock investments etc. better than the old options?

Investment ,stock ,s.i.p.

 निवेश के नए तरीके/पैसा निवेश करना म्यूचुअल फंड, एसआईपी, स्टॉक निवेश आदि पुराने विकल्पों मनी मार्किट में  किस तरह बेहतर है?New ways of investment /investing money How are mutual funds, SIPs, stock investments etc. better than the old optionsएंड money market?

जैसे कि ऊपर में पहले ही आप सभी देख चुके हैं कि यहाँ पर बात हो रही है निवेश(investment) की सिप की(s.i.p ) म्यूच्यूअल फण्ड की(Mutual Fund )। ताकि अधिक से अधिक पैसे बन सके। जितने भी लोग है सभी अधिक से अधिक पैसा बनाना चाहते हैं ,लेकिन इन सभी को यह नहीं पता होता है कि अधिक पैसे कैसे बनेंगे। ज्यादातर लोग सेविंग अकाउंट में पैसे जमा करवाते रहते हैं ,उनके लिए सेविंग होता है ,कुछ लोग FD करते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि इनकी तुलना में सिप (S.I.P.),म्यूच्यूअल फण्ड (MUTUAL FUND) आदि में पैसे लगा कर यानी निवेश(investment) करके अच्छा रिटर्न मिल सकता है चलिए जानते है उदहारण से -
1. आज के टाइम में सेविंग अकाउंट पर 4 - 4.25% तक इंटरेस्ट मिलता है।
२. RECURRING DEPOSIT = 5.15 - 5.50% PER ANNUAM
3.F.D = 7 - 7.25% PER ANNUM
ऐसे में अगर आप पैसे बनाना भी चाहे तो नहीं बना सकते क्यूंकि जिस स्पीड में महंगाई बढ़ रही है उस तुलना में आपके पैसे नहीं बढ़ रहे। अब चलते हैं प्रश्न पर -
निवेश के नए तरीके(New ways of investment)  में आप सभी का स्वागत है -  
 निवेश के नए तरीके म्यूचुअल फंड, एसआईपी, स्टॉक निवेश आदि पुराने विकल्पों से किस तरह बेहतर है?New ways of investment How are mutual funds, SIPs, stock investments etc. better than the old options?

1. एस.आई.पी.(Investment in S.I.P)

  New ways of investment


Expected AmountRs. 1844474 (18.4 Lakhs)
Amount InvestedRs. 360000 (3.6 Lakhs)
Wealth GainRs. 1484474 (14.8 Lakhs)
आज के समय में लोग समझदार हो रहे है और समझदारी भी इसी में है कि पैसे सही जगह निवेश(Investment) कर अच्छा रिटर्न  प्राप्त हो ,तभी महंगाई का सामना कर पाएंगे। इसलिए आप सभी को बताने जा रहा हूँ उन विकल्पों के बारे में जो कई गुना बेहतर है ,तो चलिए -
यह एक सबसे बेस्ट तरीका है अच्छा रिटर्न पाने का। इस में आप म्यूच्यूअल फण्ड में  निवेश(INVESTMENT) करते हैं एक अपना प्लान बना कर जिसे SIP कहते हैं। यहाँ पर आप हर महीने कुछ रूपए लगा सकते हैं अपने प्लान के अनुसार और एक ही बार में भी अधिक पैसा लगा सकते हैं। 


यहाँ से जानिए की आप यहाँ से कितना कमा सकते हैं 
मान लीये अगर आप ICICI बैंक म्यूच्यूअल फण्ड में 1000RS हर महीने लगाते हैं और अभी आपकी उम्र 30 साल है। तो आप अगर 30 साल तक हर महीने 1000 RS निवेश(Investment ) करते हैं और ICICI बैंक अगर एनुअल कम्पाउंडिंग के हिसाब से 15 % का रिटर्न देता है तो आओकी निवेश(Investment) पर ३० साल बाद इतना फ़ायदा होगा -

तो हुआ न इस हिसाब से महंगाई में भी फ़ायदा। इस तरह यह  निवेश(Investment)  एक अच्छा विकल्प हुआ। 

2. स्टॉक मार्किट में निवेश (Investment In stock market)


अब बारी आती स्टॉक मार्किट में निवेश (Investment) करने की। यहाँ पर थोड़ा रिस्क होता है चाहे सिप हो या स्टॉक मार्किट। लेकिन बिना रिस्क उठाये भी आप अधिक नहीं कमा सकते हैं। अगर महंगाई से लड़ना चाहते हैं तो तो फिर दूसरा तरीका है स्टॉक मार्किट। यहाँ पर आप निवेश(Investment) करके कई गुना कमा सकते हैं ,लेकिन स्टॉक मार्किट   जब रिस्क लेंगे और स्मार्ट तरीके से निवेश करते हैं। यहाँ से आप करोड़ पति बन सकते हैं लेकिन जरूरत है सब्र की। चलिए बताता हूँ कि आप कम समय में यहाँ से अधिक पैसे कैसे कमा सकते हैं -
अगर यहाँ पर आप एक साल पहले रेफेक्स इंडस्ट्री (Refex Industry) में 10000 Rs  निवेश (Investment) करते तो आपको 11Rs के हिसाब से 909 quty मिल जाने थे और इस वक़्त इस कंपनी का रेट 60Rs है तो आपके निवेश (Investment) पर आपको 44541Rs का फ़ायदा  हुआ होता यानी की 445 % का रिटर्न मिलता जोकि सेविंग और FD की तुलना में कई गुना जयादा है। इस तरह से  अच्छा विकलप है। 
आज के लिए इतना ही। उम्मीद है कि आप लोगो को आपके इस सवाल का जवाब मिल गए होंगे। 
                                                        धन्यवाद। 



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